टीईटी की अनिवार्यता खत्म हो, पुरानी पेंशन फिर लागू हो- शिक्षक संघ। (नरेंद्र कुमार सागर के नेतृत्व में प्रधानमंत्री, केंद्रीय शिक्षा मंत्री और मुख्यमंत्री के नाम डोईवाला एसडीएम अर्पणा ढोंडियाल को सौंपा गया ज्ञापन, आरटीई से पूर्व नियुक्त शिक्षकों को टीईटी से छूट देने की मांग)
डोईवाला (राजेंद्र वर्मा):
उत्तरांचल स्टेट प्राइमरी टीचर्स एसोसिएशन, विकासखंड डोईवाला ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान तथा मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नाम अपनी विभिन्न मांगों को लेकर ज्ञापन डोईवाला की उप जिलाधिकारी अर्पणा ढोंडियाल को सौंपा। ज्ञापन में आरटीई अधिनियम लागू होने से पूर्व एवं औपबंधिक रूप से नियुक्त शिक्षकों को शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) की अनिवार्यता से छूट देने तथा अक्टूबर 2005 के बाद नियुक्त शिक्षकों और कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) बहाल करने की मांग प्रमुख रूप से उठाई गई।
शिक्षक संघ ने कहा कि आरटीई लागू होने से पहले नियुक्त शिक्षकों ने वर्षों तक शिक्षा व्यवस्था को मजबूती प्रदान की है। ऐसे शिक्षकों को सेवा में बने रहने और पदोन्नति के लिए टीईटी की अनिवार्यता से मुक्त रखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस संबंध में राज्य सरकार केंद्र सरकार को प्रस्ताव भेजकर आवश्यक कार्रवाई करे, ताकि हजारों शिक्षकों के हित सुरक्षित रह सकें।
ज्ञापन में नई पेंशन योजना को कर्मचारियों के भविष्य के लिए पर्याप्त नहीं बताते हुए पुरानी पेंशन व्यवस्था को पुनः लागू करने की मांग की गई। संघ का कहना है कि पुरानी पेंशन कर्मचारियों के बुढ़ापे की आर्थिक और सामाजिक सुरक्षा का मजबूत आधार है।
संघ अध्यक्ष नरेंद्र कुमार सागर ने कहा कि टीईटी से छूट और पुरानी पेंशन बहाली शिक्षकों के सम्मान, सुरक्षा और भविष्य से जुड़ा विषय है। सरकार को शिक्षकों की वर्षों पुरानी मांगों पर संवेदनशीलता के साथ विचार करते हुए जल्द सकारात्मक निर्णय लेना चाहिए, ताकि शिक्षक पूरी निष्ठा के साथ शिक्षा के क्षेत्र में अपना योगदान देते रहें।
ज्ञापन को देने वालों मे मंत्री सिद्धार्थ शर्मा, संरक्षक संदीप सोलंकी, जिला मंत्री रूपक पुरी,विपिन चौहान,विनोद डोभाल धीरेन्द्र राव हेमू,अनिल असवाल,रामचंद्र असवाल, अमित ठाकुरी, सिद्धार्थ शर्मा, शैलेन्द्र नेगी,चंदप्रकाश पाल,पवन कुमार,अश्वनी सैनी नीरलता,अर्चना कनोजिया, चन्दकांता भट्ट,उपमा शर्मा, दामिनी, मीनाक्षी भट्ट आदि शिक्षक मौजूद रहे।


