भेड़ों के बाड़े में घुसा कुत्तों का झुंड हमले में 33 की मौत। (60 भेड़ों में से 33 की गई जान, जौनी पाल ने प्रशासन से लगाई मुआवजे की गुहार, अधिकारी जांच करने जुटे।
डोईवाला (राजेंद्र वर्मा):
नगर पालिका परिषद कुड़कावाला क्षेत्र के वार्ड नंबर 15 स्थित बस्ती में देर रात आवारा कुत्तों के झुंड ने भेड़ों के बाड़े में घुसकर हमला कर दिया। कुत्तों के हमले और उसके बाद मची भगदड़ में पशुपालक जौनी पाल की 33 भेड़ों की मौत हो गई। घटना के बाद पशुपालक के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है।
जौनी पाल ने रोजगार के लिए कुल 60 भेड़ें पाल रखी थीं। देर रात अचानक कई आवारा कुत्ते बाड़े में घुस गए और भेड़ों पर हमला कर दिया। घटना के बाद करीब 10 मृत भेड़ों के शरीर पर कुत्तों के काटने के निशान मिले। वहीं तीन जीवित भेड़ों के शरीर पर भी कुत्तों के हमले के निशान पाए गए।
कुत्तों के झुंड के हमले से घबराई भेड़ें इधर-उधर भागने लगीं। इस दौरान बाड़े में मची भगदड़ और दम घुटने के कारण भी कई भेड़ों की मौत हो गई। एक ही रात में 33 भेड़ों की मौत से जौनी पाल को भारी आर्थिक नुकसान हुआ है।
सूचना मिलने पर पटवारी कुंवर सिंह सैनी मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का जायजा लिया। पशुपालक जौनी पाल ने प्रशासन से मृत भेड़ों के नुकसान का उचित आकलन कर मुआवजा दिलाने की मांग की है। साथ ही क्षेत्र में बढ़ रहे आवारा कुत्तों के आतंक पर प्रभावी कार्रवाई कर पशुओं को सुरक्षा देने की गुहार लगाई है।
मारखम ग्रांट के प्रधान परविंदर सिंह ने कहा कि जौनी पाल भेड़ पालन के माध्यम से अपने परिवार का रोजगार चला रहे थे। एक ही रात में 33 भेड़ों की मौत से उन्हें भारी आर्थिक नुकसान हुआ है। प्रशासन को नुकसान का आकलन कर उचित मुआवजा दिलाने के साथ आवारा कुत्तों की समस्या का स्थायी समाधान करना चाहिए।
सभासद रियासत ने कहा कि क्षेत्र में आवारा कुत्तों की संख्या लगातार बढ़ रही है। कुत्तों के झुंड द्वारा पशुओं पर हमला करना गंभीर चिंता का विषय है। प्रशासन को तत्काल कार्रवाई कर पीड़ित पशुपालक को उचित राहत दिलानी चाहिए।



