अठूरवाला की रामलीला में कुंभकरण और मेघनाद का हुआ वध। (दसवें दिन युद्ध के रोमांचक दृश्यों ने दर्शकों को किया मंत्रमुग्ध)
डोईवाला (राजेंद्र वर्मा):
अठूरवाला सांस्कृतिक मंच समिति की ओर से आयोजित रामलीला के दसवें दिन कुंभकरण वध और मेघनाद वध की लीला का भव्य मंचन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि लेखक गांव की निदेशक विदुषी निशंक और प्रदेश महामंत्री दीप्ति रावत ने दीप प्रज्वलित कर किया।
इस अवसर पर विदुषी निशंक ने कहा कि रामलीला भारतीय संस्कृति और परंपराओं का अभिन्न हिस्सा है। भगवान श्रीराम का जीवन हमें सत्य, मर्यादा और कर्तव्य के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। ऐसे आयोजन नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति और संस्कारों से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं।
वहीं प्रदेश महामंत्री दीप्ति रावत ने कहा कि रामलीला केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, आदर्शों और नैतिक मूल्यों को जन-जन तक पहुंचाने का सशक्त माध्यम है। भगवान श्रीराम के आदर्शों को जीवन में अपनाकर समाज में सद्भाव और सकारात्मकता को बढ़ावा दिया जा सकता है।
मंचन के दौरान दिखाया गया कि युद्ध में राक्षस सेना को लगातार हारता देख रावण अपने भाई कुंभकरण को युद्धभूमि में भेजता है। कुंभकरण वानर सेना पर हमला कर देता है। इसके बाद भगवान श्रीराम और कुंभकरण के बीच भीषण युद्ध होता है, जिसमें श्रीराम उसका वध कर देते हैं। इसके बाद रावण अपने पुत्र मेघनाद को युद्ध के लिए भेजता है। मेघनाद अपनी मायावी शक्तियों से श्रीराम की सेना को चुनौती देता है। लक्ष्मण और मेघनाद के बीच घमासान युद्ध होता है। अंत में लक्ष्मण मेघनाद का वध कर देते हैं। दोनों युद्ध प्रसंगों का कलाकारों ने प्रभावशाली मंचन कर दर्शकों की खूब तालियां बटोरीं।
इस दौरान पालिका अध्यक्ष नरेंद्र सिंह नेगी, निर्देशिका डॉ. ममता कुंवर, अध्यक्ष पुरुषोत्तम डोभाल, राजेश कुंवर, बेताल सिंह नेगी, करतार सिंह नेगी, जगत सिंह असवाल, दिनेश डोभाल, गुलाब सिंह रावत, धर्मवीर गुसाईं, सुधीर रावत, दिगंबर रावत और कलम सिंह रावत आदि मौजूद रहे।



