अठूरवाला रामलीला के मंच पर फिर दिखेगा दो दिग्गज कलाकारों का अभिनय कौशल। (दशरथ और कैकेयी के रूप में डॉ. राकेश भट्ट एवं डॉ. ममता कुंवर फिर रचेंगे इतिहास)
डोईवाला (राजेंद्र वर्मा):
नगर पालिका डोईवाला के अठूरवाला में द्वितीय भव्य श्रीरामलीला–2026 का मंच एक बार फिर दो सशक्त कलाकारों के अद्भुत अभिनय का साक्षी बनने जा रहा है। रंगमंच के पुरोधा एवं संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार से सम्मानित डॉ. राकेश भट्ट राजा दशरथ तथा डॉ. ममता कुंवर रानी कैकेयी की भूमिका में पुनः दर्शकों के समक्ष होंगे।
उल्लेखनीय है कि गत वर्ष की रामलीला में दोनों कलाकारों ने दशरथ–कैकेयी संवाद को जिस गरिमा, संवेदनशीलता और भावप्रवण अभिनय के साथ प्रस्तुत किया था, वह दर्शकों के बीच विशेष चर्चा का विषय रहा।
डॉ. राकेश भट्ट ने राजा दशरथ के चरित्र को परंपरागत दीनता और असहायता की छवि से अलग एक नया आयाम दिया। उनके अभिनय में दशरथ केवल विलाप करता हुआ विवश पिता नहीं, बल्कि शौर्य, पराक्रम और स्वाभिमान से परिपूर्ण ऐसा सम्राट दिखाई दिया, जो अपने वचनों की मर्यादा के आगे विवश है। एक ओर पुत्र के प्रति अथाह प्रेम और दूसरी ओर रघुकुल की वचनबद्धता—इस अंतर्द्वंद्व को उन्होंने अपने सशक्त अभिनय से जीवंत कर दिया।
वहीं कैकेयी की भूमिका में डॉ. ममता कुंवर ने मातृत्व की कोमलता, पुत्रमोह की तीव्रता और मन के भीतर उठते भावनात्मक द्वंद्व को अत्यंत प्रभावशाली ढंग से अभिव्यक्त किया। उनके अभिनय में कैकेयी केवल राम के वनवास का कारण बनने वाली रानी नहीं, बल्कि परिस्थितियों, मंथरा के प्रभाव, मातृत्व और महत्त्वाकांक्षा के बीच उलझी एक जटिल मानवीय चरित्र के रूप में उभरकर सामने आई। राम के प्रति स्नेह रखने वाली माँ का भरत के भविष्य की चिंता में कठोर निर्णय तक पहुँचने का भावनात्मक परिवर्तन उनके अभिनय की विशेष उपलब्धि रहा।
दोनों कलाकारों की सबसे बड़ी विशेषता उनके संवादों में निहित भावों की गहराई और पात्रों की मनःस्थिति को मंच पर साकार करने की अद्भुत क्षमता है। दशरथ का राजसी स्वाभिमान और कैकेयी का दृढ़ संकल्प जब आमने-सामने आते हैं, तब यह प्रसंग केवल रामकथा का एक दृश्य नहीं रह जाता, बल्कि प्रेम, मोह, कर्तव्य, वचन और मर्यादा के संघर्ष की जीवंत अभिव्यक्ति बन जाता है।
अब एक बार फिर अठूरवाला का रामलीला मंच उसी ऐतिहासिक अभिनय, भावनाओं के उत्कर्ष और रंगमंच की उत्कृष्ट साधना का साक्षी बनने को तैयार है।
समस्त रामभक्तों एवं रंगमंच प्रेमियों से आग्रह है कि इस अविस्मरणीय प्रस्तुति के साक्षी बनें।



