नगर कीर्तन से गूंजा क्षेत्र, 40 मुक्तों के बलिदान को किया नमन।
शहादत की याद में निकले नगर कीर्तन में दिखी सेवा, अनुशासन और सामाजिक एकता की झलक।
डोईवाला (राजेंद्र वर्मा):
गुरु गोविंद सिंह महाराज के वीर 40 मुक्तों की शहादत की याद में माजरी फतेहपुर स्थित गुरुद्वारा साहिब से भव्य नगर कीर्तन का आयोजन किया गया। पंच प्यारों के नेतृत्व में निकला नगर कीर्तन माजरी फतेहपुर से शेरगढ़ व आसपास के क्षेत्रों का भ्रमण करते हुए पुनः गुरुद्वारा साहिब पहुंचकर शांतिपूर्वक संपन्न हुआ। नगर कीर्तन में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की सहभागिता से क्षेत्र श्रद्धा, अनुशासन और भाईचारे के रंग में रंगा नजर आया।
नगर कीर्तन के दौरान सजे हुए निशान साहिब, शबद-कीर्तन जत्थे और संगत का अनुशासित स्वरूप आकर्षण का केंद्र रहा। “बोले सो निहाल, सत श्री अकाल” के जयघोष से वातावरण भक्तिमय हो उठा। मार्ग में विभिन्न सामाजिक संगठनों और स्थानीय नागरिकों ने पुष्पवर्षा कर नगर कीर्तन का स्वागत किया।
गुरुद्वारा प्रधान साहब सिंह ने कहा कि 40 मुक्तों का बलिदान साहस, त्याग और समर्पण का प्रतीक है, जो आज भी मानव समाज को सही दिशा दिखाता है। उन्होंने कहा कि गुरु गोविंद सिंह महाराज द्वारा दिया गया समानता और सेवा का संदेश वर्तमान समय में और अधिक प्रासंगिक हो गया है।
गुरुद्वारा प्रधान खैरी धरमुचक सुरेंद्र सिंह खालसा ने कहा कि नगर कीर्तन जैसे धार्मिक आयोजन समाज में आपसी सद्भाव और एकता को मजबूत करते हैं। उन्होंने कहा कि 40 मुक्तों की शहादत हमें निस्वार्थ सेवा, अनुशासन और सामाजिक जिम्मेदारी का पाठ पढ़ाती है, जिसे युवा पीढ़ी को आत्मसात करने की आवश्यकता है।
गन्ना समिति उपाध्यक्ष हरभजन सिंह ने कहा कि गुरु परंपरा अन्याय के विरुद्ध आवाज उठाने और समाज में शांति व सौहार्द बनाए रखने की प्रेरणा देती है। उन्होंने कहा कि नगर कीर्तन के माध्यम से आपसी भाईचारा, सांस्कृतिक विरासत और सामाजिक समरसता को मजबूती मिलती है।
नगर कीर्तन में बलविंदर सिंह, अमरजीत सिंह, गुरदीप सिंह, अजीत सिंह प्रिंस, इंद्रजीत सिंह लाडी, संसार सिंह, राजकुमार राज,प्रदीप सिंह सहित सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।



