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(धनयाड़ी में जंगली हाथी के हमले में महिला की मौत पर ग्रामीणों का फूटा आक्रोश, राष्ट्रीय राजमार्ग जाम कर किया प्रदर्शन)

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डोईवाला (राजेंद्र वर्मा):
डोईवाला विधानसभा क्षेत्र के धनयाड़ी में जंगली हाथी के हमले में श्रीमती अंजली गुप्ता की दर्दनाक मृत्यु के विरोध में मंगलवार को ग्रामीणों का आक्रोश फूट पड़ा। घटना से आक्रोशित सैकड़ों ग्रामीणों ने परवादून जिला कांग्रेस कमेटी के जिलाध्यक्ष मोहित उनियाल, पूर्व जिला पंचायत सदस्य अश्विनी बहुगुणा, डोईवाला ब्लॉक प्रमुख गौरव सिंह चौधरी, बड़ासी ग्राम प्रधान राहुल मनवाल, हेमा पुरोहित, रेनू चुनारा, पाववाला सोडा ग्राम प्रधान करण रावत, नरेंद्र सौलंकी सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणों के साथ धनयाड़ी,एयरपोर्ट राष्ट्रीय राजमार्ग को जाम कर जोरदार प्रदर्शन किया।

प्रदर्शनकारियों ने कहा कि क्षेत्र में लगातार जंगली हाथियों की आवाजाही से लोगों में भय का माहौल बना हुआ है और वन विभाग समय रहते प्रभावी कार्रवाई करने में विफल रहा है, जिसके कारण एक निर्दोष महिला की जान चली गई।

परवादून जिला कांग्रेस कमेटी के जिलाध्यक्ष मोहित उनियाल ने कहा कि धनयाड़ी की घटना अत्यंत दुखद और वन विभाग की गंभीर लापरवाही का परिणाम है। पहले भी इस जंगली हाथी के द्वारा कई लोगों को मौत के घाट उतारा गया है। ग्रामीण लंबे समय से जंगली हाथियों के आतंक से परेशान हैं, लेकिन सरकार और वन विभाग ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि 48 घंटे के भीतर संबंधित जंगली हाथी को रेस्क्यू कर सुरक्षित अन्य क्षेत्र में नहीं भेजा गया, तो कांग्रेस ग्रामीणों के साथ मिलकर उग्र आंदोलन करने को बाध्य होगी।

पूर्व जिला पंचायत सदस्य अश्विनी बहुगुणा ने कहा कि पीड़ित परिवार के साथ न्याय होना चाहिए। उन्होंने मांग की कि मृतका के परिवार के एक सदस्य को तत्काल सरकारी नौकरी, पर्याप्त आर्थिक सहायता तथा प्रभावित क्षेत्र में स्थायी समाधान के लिए सोलर फेंसिंग और अन्य सुरक्षा उपाय तत्काल लागू किए जाएं।

डोईवाला ब्लॉक प्रमुख गौरव सिंह चौधरी ने कहा कि धनयाड़ी की घटना पूरे क्षेत्र के लिए बेहद दुखद और चिंताजनक है। ग्रामीण लंबे समय से जंगली हाथियों के आतंक से जूझ रहे हैं, लेकिन वन विभाग की ओर से प्रभावी कदम नहीं उठाए गए। उन्होंने कहा कि सरकार को इस मामले को गंभीरता से लेते हुए 48 घंटे के भीतर संबंधित हाथी को रेस्क्यू कर अन्य सुरक्षित क्षेत्र में भेजना चाहिए। साथ ही प्रभावित गांवों में सोलर फेंसिंग, नियमित गश्त और सुरक्षा व्यवस्था को तत्काल मजबूत किया जाए।

बड़ासी ग्राम प्रधान राहुल मनवाल ने कहा कि ग्रामीणों का धैर्य अब जवाब दे चुका है। एक परिवार ने अपना सदस्य खोया है और पूरे क्षेत्र में भय का माहौल है। उन्होंने मांग की कि पीड़ित परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाए, पर्याप्त आर्थिक सहायता प्रदान की जाए तथा हाथियों के बढ़ते खतरे से निपटने के लिए स्थायी समाधान लागू किया जाए। उन्होंने कहा कि यदि प्रशासन और वन विभाग ने शीघ्र कार्रवाई नहीं की, तो ग्रामीणों का आंदोलन और तेज किया जाएगा।

प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने एक स्वर में निम्न मांगें उठाईं:
• संबंधित जंगली हाथी को 48 घंटे के भीतर रेस्क्यू कर अन्य सुरक्षित क्षेत्र में भेजा जाए।
• पीड़ित परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाए।
• प्रभावित गांवों में सोलर फेंसिंग तत्काल लगाई जाए।
• हाथियों की आवाजाही रोकने के लिए स्थायी सुरक्षा व्यवस्था और प्रभावी वन प्रबंधन योजना लागू की जाए।
• पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा और त्वरित सहायता प्रदान की जाए।

वन विभाग रेंजर व वरिष्ठ अधिकारी से वार्ता के पश्चात धरना समाप्त किया गया। रेंजर द्वारा कल दोपहर डीएफओ से ग्रामीणों की वार्ता कराने की बात की गई है। प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट कहा कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।

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