एसडीआरएफ अंतरराष्ट्रीय आपदा प्रबंधन का बना भरोसेमंद मॉडल, (अर्पण यदुवंशी के मार्गदर्शन में जौलीग्रांट एसडीआरएफ मुख्यालय पहुँचे श्रीलंका के 39 सिविल सर्वेंट्स, कार्यप्रणाली को बताया प्रभावी)
डोईवाला (राजेंद्र वर्मा):
जौलीग्रांट स्थित एसडीआरएफ वाहिनी मुख्यालय में अंतरराष्ट्रीय क्षमता विकास कार्यक्रम के तहत श्रीलंका से आए 39 सिविल सर्वेंट्स के प्रतिनिधिमंडल ने अध्ययन भ्रमण किया। यह कार्यक्रम भारत सरकार के नेशनल सेंटर फॉर गुड गवर्नेंस के तत्वावधान में आयोजित किया गया।
एसडीआरएफ के कमांडेंट अर्पण यदुवंशी के मार्गदर्शन में आयोजित इस भ्रमण के दौरान प्रतिनिधिमंडल को राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल की संगठनात्मक संरचना, कार्यप्रणाली और आपदा प्रबंधन में अपनाई जा रही आधुनिक रणनीतियों की जानकारी दी गई। अधिकारियों ने खोज एवं बचाव तकनीकों, राहत अभियानों की योजना, प्रशिक्षण व्यवस्थाओं तथा आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित प्रतिक्रिया तंत्र के बारे में विस्तार से बताया।
प्रतिनिधिमंडल को उत्तराखंड में आई विभिन्न प्राकृतिक आपदाओं के दौरान एसडीआरएफ द्वारा संचालित सफल राहत एवं बचाव अभियानों की जानकारी भी दी गई। आधुनिक उपकरणों के उपयोग, प्रशिक्षित मानव संसाधन और अनुशासित कार्यशैली को देखकर श्रीलंकाई अधिकारियों ने एसडीआरएफ की सराहना की और इसे आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में एक सशक्त व अनुकरणीय मॉडल बताया।
प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने कहा कि एसडीआरएफ का अनुभव और कार्यशैली अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आपदा प्रबंधन प्रणालियों को मजबूत करने में उपयोगी सिद्ध हो सकती है।
इस अवसर पर डिप्टी कमांडेंट शुभांक रतूड़ी, इंस्पेक्टर ट्रेनिंग प्रमोद रावत, बिनय भूषण गढ़नायक सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।



