सुरक्षित दवा लेखन से मरीजों की सुरक्षा पर जोर। (एमबीबीएस इंटर्न्स को हिम्स में दिया व्यावहारिक प्रशिक्षण, दवा लिखने के मानकों की दी जानकारी)
डोईवाला (राजेंद्र वर्मा):
हिमालयन इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (हिम्स) के फार्माकोलॉजी विभाग की ओर से अंतरराष्ट्रीय मेडसेफ्टी सप्ताह के तहत एमबीबीएस इंटर्न्स के लिए सुरक्षित एवं तर्कसंगत दवा लेखन पर कार्यशाला आयोजित की गई। इसमें प्रशिक्षु चिकित्सकों को सही दवा लिखने और मरीजों की सुरक्षा सुनिश्चित करने का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया।
आदि कैलाश सभागार में आयोजित कार्यशाला में विशेषज्ञों ने दवा लेखन के मानकों, एंटीबायोटिक के उचित उपयोग, प्रिस्क्रिप्शन में होने वाली सामान्य गलतियों और उनके कानूनी पहलुओं की जानकारी दी। साथ ही विभिन्न चिकित्सकीय परिस्थितियों के आधार पर प्रशिक्षुओं से प्रिस्क्रिप्शन लिखने का अभ्यास कराया गया और उनकी गलतियों में सुधार के सुझाव दिए गए।
डॉ. तरुणा शर्मा ने कहा कि सुरक्षित दवा लेखन प्रत्येक चिकित्सक की बुनियादी जिम्मेदारी है। छोटी-सी गलती भी मरीज के स्वास्थ्य पर गंभीर असर डाल सकती है।
डॉ. डीसी धस्माना ने कहा कि मरीजों की सुरक्षा गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं का आधार है। दवाओं का विवेकपूर्ण उपयोग और सही प्रिस्क्रिप्शन उपचार संबंधी गलतियों के साथ एंटीबायोटिक प्रतिरोध को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
इस अवसर पर डॉ. जूही कालरा, डॉ. सौरभ कोहली और डॉ. ऋचा गर्ग सहित अन्य मौजूद रहे।



