Blog

हिम्स जौलीग्रांट में फेटल मेडिसिन में आधुनिक तकनीकों और चुनौतियों पर मंथन, (विशेषज्ञों ने उच्च जोखिम गर्भावस्था, प्रसवपूर्व जांच और भ्रूण स्वास्थ्य सुधार पर साझा किए अनुभव)

खबर को सुनें

डोईवाला (राजेंद्र वर्मा):
हिमालयन इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (हिम्स) जौलीग्रांट के प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग द्वारा सोसाइटी ऑफ फेटल मेडिसिन (एसएफएम) के संयुक्त तत्वावधान में सतत चिकित्सा शिक्षा कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में देशभर से आए विशेषज्ञों ने फेटल मेडिसिन एवं उच्च जोखिम गर्भावस्था के क्षेत्र में नवीनतम प्रगति, चुनौतियों और आधुनिक तकनीकों पर विस्तृत चर्चा की।
आदि कैलाश सभागार में आयोजित कार्यक्रम में विशेषज्ञों ने प्रसवपूर्व देखभाल को सुदृढ़ बनाने, प्रसवपूर्व निदान की गुणवत्ता बढ़ाने तथा मातृ एवं भू्रण स्वास्थ्य परिणामों में सुधार जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर अपने विचार साझा किए। विशेषज्ञ डॉ. अशोक खुराना ने कहा कि फेटल मेडिसिन में तकनीकी प्रगति ने गर्भस्थ शिशु की बीमारियों की समय रहते पहचान और उपचार की संभावनाओं को मजबूत किया है। उन्होंने कहा कि समय पर स्क्रीनिंग और सटीक निदान मातृ एवं शिशु मृत्यु दर को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
डॉ. कृष्ण गोपाल ने कहा कि उच्च जोखिम गर्भावस्था के मामलों में मल्टीडिसिप्लिनरी अप्रोच और आधुनिक अल्ट्रासाउंड तकनीकों का उपयोग बेहतर परिणाम सुनिश्चित करता है। उन्होंने चिकित्सकों से नवीनतम चिकित्सा पद्धतियों को अपनाने का आह्वान किया। प्रसूति एवं स्त्री रोग विभागाध्यक्ष डॉ. रुचिरा नौटियाल ने कहा कि इस प्रकार के सीएमई कार्यक्रम चिकित्सकों और रेजिडेंट्स को नवीनतम वैज्ञानिक जानकारियों और व्यावहारिक प्रशिक्षण से जोड़ने का प्रभावी माध्यम हैं। उन्होंने कहा कि संस्थान का उद्देश्य मातृ एवं भू्रण स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ बनाना है। इस दौरान डॉ. भारती पंत, डॉ. जया चतुर्वेदी, डॉ. शालिनी सूरी और डॉ. सर्वेश्वरी ने व्याख्यान दिए। इस अवसर पर प्रति कुलपति डॉ. ए.के. देवरारी, डीन हिम्स. डॉ. ए. शरीफ, डॉ. रेनू धस्माना उपस्थित रहे। संवादात्मक सत्र में प्रतिभागियों ने विशेषज्ञों के साथ व्यावहारिक चुनौतियों एवं साक्ष्य-आधारित चिकित्सा पद्धतियों पर चर्चा की। रेजिडेंट्स ने पेपर और पोस्टर प्रस्तुतियों के माध्यम से अपने शोध कार्य एवं रोचक क्लीनिकल मामलों को प्रस्तुत किया।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button