Blog

सरकारी नमक उठान के नए आदेश से भड़के राशन विक्रेता, बरसात में खराबी का सता रहा डर, (तीन माह का राशन बांटने के बाद नमक उठाने का दबाव, विभागीय फैसले पर उठे सवाल)

खबर को सुनें

डोईवाला (राजेंद्र वर्मा):
खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग द्वारा तीन माह का खाद्यान्न एक साथ वितरित कराने के बाद अब राशन विक्रेताओं पर सरकारी नमक उठान का दबाव बनाए जाने से नाराजगी बढ़ गई है। राशन विक्रेताओं का कहना है कि जब जून माह तक का राशन वितरण पूरा हो चुका है, तो ऐसे में नमक उठान कर उसका वितरण आखिर किसे किया जाए, यह समझ से परे है।
गौरतलब है कि यह सरकारी नमक पहले भी विवादों में रहा है। नमक में मिलावट को लेकर सोशल मीडिया पर कई वीडियो वायरल हुए थे, जिसके बाद विभागीय सचिव ने इसके वितरण पर तत्काल रोक लगा दी थी। अब मामला ठंडा पड़ते ही एक बार फिर राशन दुकानों के माध्यम से इस नमक के वितरण के आदेश जारी कर दिए गए हैं।

राशन विक्रेताओं का कहना है कि बरसात का मौसम शुरू हो चुका है और दुकानों में रखा नमक खराब होने की पूरी आशंका है। ऐसे में यदि नमक खराब होता है तो उसकी जिम्मेदारी किसकी होगी, यह साफ नहीं है। इसके बावजूद विभाग लगातार गोदाम से नमक उठाने और उसका शुल्क जमा करने के निर्देश दे रहा है, जिससे दुकानदार मानसिक और आर्थिक रूप से परेशान हैं।

ऑल इंडिया फेयर प्राइस शॉप डीलर फेडरेशन के प्रदेश महामंत्री संजय शर्मा ने विभागीय आदेशों को अव्यवहारिक बताया। उन्होंने कहा कि जब वर्तमान माह का खाद्यान्न वितरण पूरा हो चुका है, तो नमक का उठान कर विक्रेता किसे वितरण करेंगे। यदि सरकार नमक वितरण कराना ही चाहती है, तो इसे जुलाई माह से खाद्यान्न के साथ ही किया जाना चाहिए।
संजय शर्मा ने बताया कि इस मुद्दे को लेकर शीघ्र ही राशन विक्रेताओं का एक प्रतिनिधिमंडल विभागीय मंत्री से मुलाकात कर अपनी समस्याएं उनके समक्ष रखेगा।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button