पुरानी पेंशन बहाली आंदोलन की बैठक में देहरादून की नई कार्यकारिणी गठित, (आंदोलन को धार देने के लिए मशाल जुलूस व द्वार बैठकों सहित कई कार्यक्रम तय)
डोईवाला (राजेंद्र वर्मा):
राष्ट्रीय पुरानी पेंशन बहाली आंदोलन के प्रदेश कार्यालय में प्रदेश अध्यक्ष जीतमणि पैन्यूली की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में जनपद देहरादून की नई कार्यकारिणी का सर्वसम्मति से गठन किया गया।
बैठक में संतोष गड़ोही को जनपद अध्यक्ष, विनोद मल्ल को सचिव तथा अरविन्द थपलियाल को वरिष्ठ उपाध्यक्ष चुना गया। वहीं दीपेंद्र रावत को जनपद देहरादून का प्रभारी नियुक्त किया गया। इसके साथ ही सुनील गुसाईं को प्रदेश संगठन मंत्री तथा पुष्कर राज बहुगुणा को पुनः गढ़वाल मंडल प्रभारी की जिम्मेदारी सौंपी गई।
बैठक में पुरानी पेंशन बहाली के लिए आगामी आंदोलनात्मक कार्यक्रमों की रूपरेखा पर विस्तार से चर्चा हुई। उत्तराखण्ड राज्य प्राथमिक शिक्षक संघ, विकासनगर की अध्यक्ष मधु पटवाल ने आंदोलन को और अधिक तेज करने की आवश्यकता पर जोर दिया। कालसी ब्लॉक अध्यक्ष पीताम्बर तोमर ने दूरस्थ ब्लॉक चकराता में शीघ्र संगठन की कार्यकारिणी गठित करने का सुझाव रखा।
उत्तराखण्ड राज्य प्राथमिक शिक्षक संघ, रायपुर के अध्यक्ष अरविन्द सिंह सोलंकी ने कहा कि जनपद व ब्लॉक स्तर की कार्यकारिणियों को पुनर्गठित कर आंदोलन के लिए सक्रिय करना जरूरी है, ताकि अधिक से अधिक कर्मचारी पुरानी पेंशन बहाली आंदोलन से जुड़ सकें।
प्रदेश सचिव मुकेश रतूड़ी ने सभी कर्मचारी संगठनों से समन्वय स्थापित कर आंदोलन को आगे बढ़ाने पर बल दिया। प्रदेश अध्यक्ष जीतमणि पैन्यूली ने कहा कि इस वर्ष संगठन द्वारा मशाल जुलूस, कार्यालय द्वार बैठकों सहित कई चरणबद्ध कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। उन्होंने सभी जनपद व विकासखंड इकाइयों से आंदोलन को व्यापक बनाने का आह्वान किया।
महिला प्रकोष्ठ की प्रदेश अध्यक्ष उर्मिला द्विवेदी ने कहा कि यह वर्ष निर्णायक संघर्ष का है और इसमें महिलाओं की सक्रिय भूमिका अहम होगी।
जनपद देहरादून के नवनिर्वाचित अध्यक्ष संतोष गड़ोही ने कहा कि वे प्रांतीय नेतृत्व के मार्गदर्शन में शीघ्र ही जनपद की संपूर्ण कार्यकारिणी का गठन करेंगे तथा प्रदेश मुख्यालय होने के नाते प्रत्येक कार्यक्रम में देहरादून की प्रभावी सहभागिता सुनिश्चित की जाएगी।
कार्यक्रम का संचालन प्रदेश कोषाध्यक्ष शांतनु शर्मा ने किया। बैठक में विभिन्न शिक्षक संगठनों व आंदोलन से जुड़े पदाधिकारी व सदस्य बड़ी संख्या में मौजूद रहे।



