बारिश से कटी धान की फसल पर संकट, गन्ने को मिलेगी राहत। (खेतों में पड़ी धान की फसल भीगने से किसानों को नुकसान की आशंका, ग्राम प्रधान ने की मुआवजा दिलाने की मांग)
डोईवाला (राजेंद्र वर्मा):
वीरवार को मौसम में आए बदलाव के बीच बारिश ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। खेतों में कटाई के बाद पड़ी धान की फसल को नुकसान होने की आशंका है, जबकि गन्ने और अन्य फसलों के लिए बारिश लाभदायक साबित हो सकती है। सिमलास ग्रांट में किसानों की कटी हुई धान की फसल खेतों में पड़ी है। बारिश के कारण फसल भीगने से किसानों को आर्थिक नुकसान का डर सता रहा है।
सिमलास ग्रांट के किसान साधु राम, प्रदीप कुमार के धान की फसल आशा सिंह, सुरेन्द्र सिंह आदि की पराली अभी भी खेत में मौजूद हैं जानकारी अनुसार ग्रामीणों की धान की फसल कटने के बाद अभी खेतों में पड़ी हुई है। बारिश से फसल की गुणवत्ता प्रभावित होने और दाने खराब होने की आशंका है। किसानों के लिए अब फसल को सुरक्षित रखना चुनौती बन गया है। यदि बारिश जारी रहती है तो उनकी मेहनत पर पानी फिर सकता है।
सिमलास ग्रांट की ग्राम प्रधान सुषमा बोरा ने कहा कि बारिश से खेतों में कटी पड़ी धान की फसल को नुकसान होने की आशंका है। ऐसे में प्रशासन को प्रभावित किसानों की फसल के नुकसान का आकलन कराना चाहिए। उन्होंने मांग की कि नुकसान झेलने वाले किसानों को उचित मुआवजा दिलाया जाए, ताकि उन्हें आर्थिक राहत मिल सके I
सहायक कृषि अधिकारी अजय टम्टा ने बताया कि क्षेत्र में अधिकतर धान की फसल की कटाई पूरी हो चुकी है और कटी हुई फसल खेतों से उठाई भी जा चुकी है। हालांकि, जिन किसानों की धान की फसल अभी खेतों में कटी पड़ी है, उसे बारिश से नुकसान होने की आशंका है। वहीं, गन्ने और अन्य फसलों के लिए बारिश लाभदायक हो सकती है। बारिश से खेतों में नमी बढ़ने के कारण इन फसलों को फायदा मिलने की उम्मीद है।



